📌 इस लेख में हम जानेंगे
- बहुत ज्यादा गर्मी और हमारा बदलता जीवन
- बहुत ज्यादा गर्मी से बचने के लिए खान-पान में लाएं ये जरूरी बदलाव
- दिनचर्या और रहन-सहन का तरीका अत्यधिक गर्मी से देती हैं राहत
- जब अधिक गर्मी हो तो बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
- अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए अपनाए ये आयुर्वेदिक उपाय
- बहुत ज्यादा गर्मी से बचने के लिए हमारा अंतिम निष्कर्ष
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी में लू से बचने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय क्या है?
- प्रश्न: क्या बहुत ज्यादा गर्मी में बार-बार नहाना सही है?
- प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी होने पर खान-पान में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- प्रश्न: अगर बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से सिरदर्द हो रहा हो तो क्या करें?
- प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी में व्यायाम करना चाहिए या नहीं?
- प्रश्न: गर्मी के मौसम में त्वचा का ध्यान कैसे रखें?
- प्रश्न: गर्मी में क्या खाना चाहिए?
बहुत ज्यादा गर्मी से हैं परेशान? जानें लू और तपती धूप से बचने के अचूक देशी उपाय और खान-पान के तरीके। इस गर्मी खुद को रखें कूल और तरोताजा।

आजकल सूरज देवता कुछ ज्यादा ही अपनी कृपा बरसा रहे हैं, और आलम यह है कि घर से बाहर निकलते ही ऐसा लगता है जैसे किसी ने भट्टी का दरवाजा खोल दिया हो। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, हर कोई बस एक ही बात कह रहा है कि इस बार बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है। यह केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि हमारे शरीर और सेहत के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है। जब तापमान 45 डिग्री के पार जाने लगता है, तो इंसान का पसीने से तर-बतर होना तो लाजिमी है, लेकिन असली समस्या तब शुरू होती है जब यह गर्मी हमारी ऊर्जा सोखने लगती है।
इस लेख में हम गहराई से समझेंगे कि इस तपती धूप और उमस भरे मौसम में हमें अपना ख्याल कैसे रखना चाहिए। हम उन पुराने दादी-नानी के नुस्खों की भी चर्चा करेंगे जो आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कहीं पीछे छोड़ आए हैं। बहुत ज्यादा गर्मी का मतलब सिर्फ प्यास लगना नहीं है, बल्कि यह हमारे पाचन तंत्र, त्वचा और मानसिक शांति पर भी गहरा असर डालती है। चलिए, इस गर्मी को मात देने के सफर पर चलते हैं।
बहुत ज्यादा गर्मी और हमारा बदलता जीवन
अगर हम पिछले कुछ सालों के मौसम पर नजर डालें, तो पाएंगे कि अब गर्मी का मौसम सिर्फ लंबा ही नहीं हो रहा, बल्कि इसकी तीव्रता भी खतरनाक स्तर तक पहुँच गई है। बहुत ज्यादा गर्मी होने का एक मुख्य कारण पर्यावरण में हो रहे बदलाव भी हैं, लेकिन एक आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चुनौती रोजाना के कामकाज को निपटाना है। दोपहर के समय जब गर्म हवाएं यानी ‘लू’ चलती है, तो वह सीधे हमारे चेहरे और शरीर पर वार करती है। ऐसे में शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है। लोग अक्सर ठंडे पानी या सॉफ्ट ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकदम से बर्फीला पानी पीना आपकी सेहत बिगाड़ सकता है?
देसी अंदाज में कहें तो, शरीर को अंदर से ठंडा रखना सबसे जरूरी है। पुराने समय में लोग सूती कपड़े पहनते थे और सिर पर साफा या तौलिया रखते थे। आज हम फैशन के चक्कर में इन छोटी मगर काम की बातों को भूल गए हैं। बहुत ज्यादा गर्मी के इस दौर में हमें फिर से उन्हीं बुनियादी तरीकों की ओर लौटना होगा। पानी पीना तो जरूरी है ही, लेकिन पानी किस तरह पिया जाए और उसमें क्या मिलाकर पिया जाए, यह भी मायने रखता है। मटके का पानी आज भी किसी भी रेफ्रिजरेटर से बेहतर माना जाता है क्योंकि वह प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा करता है और उसकी शुद्धता बनाए रखता है।
बहुत ज्यादा गर्मी से बचने के लिए खान-पान में लाएं ये जरूरी बदलाव
जब बाहर बहुत ज्यादा गर्मी हो, तो हमारे खान-पान का तरीका भी बदल जाना चाहिए। गर्मियों में अक्सर हमारी भूख कम हो जाती है और प्यास बढ़ जाती है। यह शरीर का एक संकेत है कि वह भारी भोजन को पचाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे मौसम में तली-भुनी चीजें, ज्यादा मसालेदार खाना और जंक फूड से तौबा कर लेना ही समझदारी है। इसकी जगह हमें मौसमी फलों और सब्जियों पर जोर देना चाहिए। तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फल प्रकृति ने हमें इसीलिए दिए हैं क्योंकि इनमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये न केवल प्यास बुझाते हैं बल्कि शरीर में जरूरी लवणों की कमी को भी पूरा करते हैं।
इस बहुत ज्यादा गर्मी के मौसम में सत्तू का शरबत, छाछ और आम पन्ना जैसे पारंपरिक पेय किसी वरदान से कम नहीं हैं। सत्तू जहाँ पेट को ठंडा रखता है और तुरंत ऊर्जा देता है, वहीं आम पन्ना हमें लू के प्रकोप से बचाता है। दोपहर के भोजन में दही या रायते को शामिल करना एक बहुत अच्छी आदत है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स हमारे पाचन को दुरुस्त रखते हैं और पेट की जलन को शांत करते हैं। याद रखिए, जितना हल्का और सादा भोजन आप करेंगे, आपका शरीर उतनी ही आसानी से इस भीषण गर्मी का सामना कर पाएगा। चाय और कॉफी का सेवन कम से कम करें, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकता है।
दिनचर्या और रहन-सहन का तरीका अत्यधिक गर्मी से देती हैं राहत
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से उन्हें रात में नींद नहीं आती या दिन भर सुस्ती छाई रहती है। इसका एक बड़ा कारण हमारा बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल है। गर्मियों में कोशिश करनी चाहिए कि भारी काम सुबह जल्दी या फिर शाम को सूरज ढलने के बाद ही किए जाएं। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच, जब सूरज अपनी चरम सीमा पर होता है, बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर निकलना बहुत जरूरी हो, तो हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें और धूप के चश्मे व छाते का इस्तेमाल करें।
घर के माहौल को भी ठंडा रखना एक कला है। पुराने समय में लोग खस के परदे लगाते थे जिन पर पानी छिड़का जाता था। आज हम एसी और कूलर के भरोसे रहते हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि कमरे में ताजी हवा का आवागमन भी बना रहे। बहुत ज्यादा गर्मी के कारण घर की छतें तप जाती हैं, ऐसे में शाम के समय छत पर पानी का छिड़काव करना एक देसी और कारगर तरीका है। साथ ही, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनना सबसे ज्यादा आरामदायक होता है। गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को सोखते हैं, जिससे हमें और अधिक गर्मी महसूस होती है, जबकि सफेद या हल्के रंग सूरज की किरणों को परावर्तित कर देते हैं।
जब अधिक गर्मी हो तो बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
परिवार के छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बहुत ज्यादा गर्मी सहन करना काफी मुश्किल होता है। बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाना चाहिए। उन्हें खेलने के लिए शाम का समय ही दें और उनके शरीर में पानी की कमी न होने दें। वहीं बुजुर्गों को अक्सर बीपी या शुगर जैसी बीमारियां होती हैं, जो गर्मी के कारण और बढ़ सकती हैं। उन्हें बार-बार नारियल पानी या नींबू पानी देना चाहिए ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।
अगर किसी को बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से चक्कर आने लगें या त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ जाएं, तो इसे हल्के में न लें। यह हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और गीले कपड़े से शरीर को पोंछें। प्याज का रस हाथों और पैरों के तलवों पर मलना एक पुराना ग्रामीण नुस्खा है जो लू उतारने में बहुत मदद करता है। हमें यह समझना होगा कि सावधानी ही बचाव है।
अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए अपनाए ये आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद में गर्मी से बचने के लिए कई प्राकृतिक उपाय दिए गए हैं। इन्हें अपनाकर आप गर्मी के प्रभावों से बच सकते हैं:
- तुलसी के पत्ते का सेवन – तुलसी के पत्ते शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और गर्मी के असर को कम करते हैं। आप तुलसी के पत्तों का रस पानी में मिलाकर पी सकते हैं या इसकी चाय भी बना सकते हैं।
- आंवला – आंवला एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है और गर्मी में यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसे आप जूस के रूप में या सूखा आंवला खाकर भी सेवन कर सकते हैं।
- चंदन का लेप – चंदन की ठंडी और शीतलता गुणों से शरीर को ठंडक मिलती है। आप चंदन पाउडर को पानी में मिलाकर चेहरे और शरीर पर लगा सकते हैं।
बहुत ज्यादा गर्मी से बचने के लिए हमारा अंतिम निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो बहुत ज्यादा गर्मी से लड़ने के लिए हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। प्रकृति ने हर समस्या का समाधान उसके साथ ही दिया है। बस जरूरत है उसे सही ढंग से अपनाने की। खूब पानी पिएं, घर का बना ताजा और सात्विक भोजन करें, और जितना हो सके सकारात्मक रहें। गर्मी का यह मौसम भी गुजर जाएगा, लेकिन इस दौरान अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी इन सावधानियों के प्रति जागरूक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी में लू से बचने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय क्या है?
सबसे अच्छा उपाय है कि आप बाहर निकलने से पहले एक गिलास पानी पिएं और अपने साथ एक छोटा सा कच्चा प्याज रखें। साथ ही, आम पन्ना और बेल का शरबत लू से बचाने में रामबाण की तरह काम करते हैं।
प्रश्न: क्या बहुत ज्यादा गर्मी में बार-बार नहाना सही है?
हाँ, दिन में दो बार सामान्य पानी से नहाना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है। हालांकि, बहुत ज्यादा ठंडे पानी या बर्फ वाले पानी से नहाने से बचें क्योंकि यह शरीर के प्राकृतिक तापमान को बिगाड़ सकता है।
प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी होने पर खान-पान में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
हल्का और सुपाच्य भोजन करें। तरबूज, खीरा और पुदीने की चटनी को डाइट में शामिल करें। ज्यादा मसालेदार, तला हुआ और बाहर का खुला खाना बिल्कुल न खाएं।
प्रश्न: अगर बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से सिरदर्द हो रहा हो तो क्या करें?
यह डिहाइड्रेशन का लक्षण हो सकता है। तुरंत नमक-चीनी का घोल (ORS) पिएं और ठंडे स्थान पर आराम करें। चंदन का लेप माथे पर लगाने से भी ठंडक मिलती है।
प्रश्न: बहुत ज्यादा गर्मी में व्यायाम करना चाहिए या नहीं?
व्यायाम जरूर करें, लेकिन समय का ध्यान रखें। सुबह 5 से 7 बजे के बीच या शाम को देर से वर्कआउट करना बेहतर है। भारी एक्सरसाइज की जगह योग और प्राणायाम पर ध्यान दें।
प्रश्न: गर्मी के मौसम में त्वचा का ध्यान कैसे रखें?
गर्मी में त्वचा पर जलन और सूखापन हो सकता है, इसलिए अच्छे मॉइस्चराइज़र का उपयोग करें और चेहरे को रोज पानी से धोकर साफ रखें।
प्रश्न: गर्मी में क्या खाना चाहिए?
गर्मी में हल्का, ताजे फल, सलाद और ठंडी चीजें जैसे लस्सी और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। तला-भुना और भारी भोजन से बचें।
क्या आप भी गर्मी से परेशान हैं? हमें कमेंट में बताएं कि आप खुद को ठंडा रखने के लिए कौन सा देसी तरीका अपनाते हैं!




